गायत्री योग अनुसंधान केंद्र में डॉ.सुरेंद्र राजपूत व आशीष रैकवार का भव्य सम्मान,पत्रकारिता गौरव का उत्सव बना समारोह।
मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष निर्वाचित होने एवं अरुण शुक्ला पुरस्कार प्राप्ति पर उस्ताज सुक्खन अखाड़ा में गरिमामय आयोजन,आरती-भजन,सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रेरक उद्बोधनों से सजी यादगार संध्या।
कटनी,ग्रामीण खबर MP।
शहर के ऐतिहासिक उस्ताज सुक्खन अखाड़ा स्थित गायत्री योग अनुसंधान केंद्र में एक अत्यंत गरिमामय एवं भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें वरिष्ठ पत्रकार डॉ. सुरेंद्र राजपूत को मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ का अध्यक्ष निर्वाचित होने तथा युवा पत्रकार एवं यश भारत के सह-संपादक आशीष रैकवार को प्रतिष्ठित अरुण शुक्ला पुरस्कार प्राप्त होने पर सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया गया। यह आयोजन केवल सम्मान तक सीमित न रहकर पत्रकारिता के मूल्यों, सामाजिक प्रतिबद्धता और सांस्कृतिक चेतना का उत्सव बन गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं मां गायत्री तथा प्रभु श्रीराम की आरती के साथ हुआ। आध्यात्मिक वातावरण में दीप प्रज्ज्वलन कर अतिथियों का स्वागत किया गया। इसके पश्चात भजन मंडली द्वारा प्रस्तुत भक्तिमय भजनों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। संध्या का वातावरण भक्ति, ऊर्जा और सकारात्मकता से ओतप्रोत रहा। योग साधकों एवं स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक नृत्य एवं प्रेरक प्रस्तुतियों ने समारोह को उल्लासपूर्ण और जीवंत बना दिया।
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों का संप्रेषण नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व का निर्वहन है। डॉ. सुरेंद्र राजपूत ने लंबे समय से निष्पक्ष, निर्भीक और जनोन्मुख पत्रकारिता के माध्यम से समाज में जागरूकता का कार्य किया है। मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष पद पर उनका निर्वाचन पत्रकार समाज के विश्वास और सम्मान का प्रतीक है। वहीं आशीष रैकवार ने युवा ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। अरुण शुक्ला पुरस्कार प्राप्त करना उनके समर्पण, परिश्रम और उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रमाण है।
अतिथियों ने अपने उद्बोधनों में कहा कि वर्तमान समय में जब समाज अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है, तब पत्रकारों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। सत्य, निष्पक्षता और समाजहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करना ही सच्ची पत्रकारिता है। डॉ. श्री राजपूत और आशीष रैकवार ने अपने कार्यों से यह सिद्ध किया है कि पत्रकारिता जनसेवा का प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम में सुक्खन अखाड़ा के अध्यक्ष राजकुमार कांचकर, गायत्री योग केंद्र के अध्यक्ष मनोज नौगरहिया, सचिव आनंद सुहाने, योग गुरु गोपाल अग्रवाल, डॉ. मनोज खरे, मीडिया प्रभारी रविंद्र चोदहा, संतोष तोमर, पुन्नू लाल नामदेव, मुकेश नामदेव, राजेंद्र नामदेव, देवेंद्र राय, जीतेन्द्र शर्मा, योगेश कुछया, मनीष अग्रवाल, रामनरेश विश्वकर्मा, अभिषेक बर्मन, कुलदीप बिचपुरिया, बलराम नगरिया, एस.के. खर्द, रमेश अग्रवाल, संजू अग्रवाल, सुधीर नगरिया, राम कुमार ताम्रकार, गणेश ताम्रकार, पंकज सुहाने सहित अनेक गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, पत्रकार बंधु एवं योग साधक उपस्थित रहे। सभी ने पुष्पमालाओं, शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित अतिथियों का अभिनंदन किया।
सम्मान प्राप्ति के उपरांत डॉ. सुरेंद्र राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह सम्मान व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे पत्रकार समाज और सहयोगियों का सामूहिक विश्वास है। उन्होंने आश्वस्त किया कि वे पत्रकारों के हितों की रक्षा, संगठन की मजबूती और समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे। वहीं आशीष रैकवार ने कहा कि पुरस्कार उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है और वे आगे भी निष्पक्ष व जनपक्षधर पत्रकारिता के पथ पर दृढ़ता से कार्य करते रहेंगे।
समारोह के दौरान उपस्थित नागरिकों ने भी दोनों पत्रकारों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि ऐसे सम्मान समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। कार्यक्रम का संचालन सुव्यवस्थित ढंग से किया गया तथा अंत में आयोजकों द्वारा आभार प्रदर्शन कर सभी अतिथियों, सहयोगियों और उपस्थित नागरिकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
यह आयोजन पत्रकारिता, समाजसेवा और सांस्कृतिक मूल्यों के समन्वय का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा। समारोह ने यह संदेश दिया कि जब समाज अपने सच्चे कर्मयोगियों का सम्मान करता है, तब नई पीढ़ी को भी सकारात्मक दिशा और प्रेरणा प्राप्त होती है।







