मुख्यकार्यपालन अधिकारी यजुर्वेन्द्र कोरी ने शान्ति धाम निर्माण को लेकर अपनाया कड़ा रुख।

 मुख्यकार्यपालन अधिकारी यजुर्वेन्द्र कोरी ने शान्ति धाम निर्माण को लेकर अपनाया कड़ा रुख।

खुले में शव दाह की घटनाओं पर जताई चिंता, ग्राम पंचायतों को निर्देश-7 दिवस में निर्माण कार्य पूर्ण करें, वरना होगी कार्रवाई।

ढीमरखेड़ा,ग्रामीण खबर mp:

ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाले ग्रामों में शान्ति धाम (मुक्ति धाम) निर्माण कार्य को लेकर जनपद पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी यजुर्वेन्द्र कोरी ने एक बार फिर स्पष्ट और सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने पंचायतों में लापरवाही और उदासीनता को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि शासन के बार-बार निर्देश, पत्राचार और मौखिक आदेशों के बावजूद आज भी कई ग्राम पंचायतों में शान्ति धाम का निर्माण कार्य शुरू तक नहीं हो पाया है, जो न केवल प्रशासनिक लापरवाही है बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

मुख्यकार्यपालन अधिकारी यजुर्वेन्द्र कोरी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि उन्होंने इससे पहले भी कार्यालयीन पत्र क्रमांक-9204, दिनांक 22 मार्च 2025, क्रमांक-2059, दिनांक 19 अप्रैल 2025, क्रमांक-911, दिनांक 09 जून 2025, एवं क्रमांक-1184, दिनांक 27 जून 2025 के माध्यम से शान्ति धाम निर्माण के संबंध में निर्देशित किया था। इसके अतिरिक्त विभिन्न बैठकों में मौखिक रूप से भी सरपंचों, सचिवों एवं रोजगार सहायकों को कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए थे।

उन्होंने कहा कि कलेक्टर कटनी द्वारा समय-समय पर टी.एल. बैठक में शान्ति धाम निर्माण की समीक्षा की जा रही है। इसके बावजूद कई पंचायतों में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि क्षेत्रीय समाचार पत्रों में खुले में शवों के दाह संस्कार की खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं, जो न केवल प्रशासन की असंवेदनशीलता दर्शाती हैं, बल्कि स्थानीय नागरिकों की असुविधा को भी उजागर करती हैं।

मुख्यकार्यपालन अधिकारी श्री कोरी ने यह भी निर्देशित किया है कि जिन ग्राम पंचायतों को अब तक शान्ति धाम निर्माण हेतु एस्टीमेट प्राप्त नहीं हुआ है, उन्हें 2 दिवस के भीतर उपयंत्रियों से एस्टीमेट प्राप्त करना होगा। वहीं जिन पंचायतों को एस्टीमेट प्राप्त हो चुका है, वहां आगामी 7 दिवसों के भीतर निर्माण कार्य पूरा किया जाना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने उपयंत्रियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि सभी लंबित एस्टीमेट शीघ्र उपलब्ध कराए जाएं और निर्माण कार्य की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि यदि शान्ति धाम निर्माण कार्य—including शेड निर्माण—निर्धारित समय सीमा में पूर्ण नहीं किया जाता है, तो संबंधित ग्राम पंचायतों को तकनीकी अमले सहित दोषी मानते हुए वरिष्ठ कार्यालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी, और उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी। इस संबंध में किसी भी प्रकार की कोताही या विलंब को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यकार्यपालन अधिकारी यजुर्वेन्द्र कोरी ने यह भी कहा कि शान्ति धाम का निर्माण केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि यह एक सामाजिक एवं सांस्कृतिक आवश्यकता है। मृत्यु के उपरांत भी सम्मानजनक विदाई हर नागरिक का अधिकार है, और प्रशासन का यह नैतिक दायित्व है कि वह इसे सुनिश्चित करे। ग्राम पंचायतों को चाहिए कि वे इस दिशा में गंभीरता से कार्य करें और इसे अपनी प्राथमिकता में सर्वोच्च स्थान दें।

श्री कोरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि शासन स्तर से जो निर्देश प्राप्त हुए हैं, उनका अनुपालन हर हाल में समय सीमा के भीतर किया जाना आवश्यक है। यह केवल विकास कार्य नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचायक है।

उन्होंने अंत में यह भी अपील की कि जनप्रतिनिधि और पंचायत स्तर पर कार्यरत सभी अधिकारी एवं कर्मचारी इस कार्य को मिशन मोड में लेकर चलें और यह सुनिश्चित करें कि भविष्य में किसी भी ग्रामीण क्षेत्र में अंतिम संस्कार के लिए खुले में लकड़ियाँ जलाने जैसी स्थिति न बने।


प्रधान संपादक:अज्जू सोनी,ग्रामीण खबर MP

संपर्क सूत्र:9977110734

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