जन विश्वास अभियान के आवेदनों का 50 दिन बाद भी निराकरण नहीं,ग्रामीणों में आक्रोश।
192 लोगों ने सड़क, पानी,प्रसाधन और पुल सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर दिए थे आवेदन,जल्द समाधान नहीं होने पर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी।
सिलौंडी। शासन के निर्देश पर ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित निराकरण और प्रशासन के प्रति जनविश्वास मजबूत करने के उद्देश्य से 14 अगस्त 2026 को सिलौंडी में जन विश्वास अभियान के तहत शिविर आयोजित किया गया था। शिविर में जबलपुर संभाग के कमिश्नर, जिला कलेक्टर कटनी, जिला पंचायत सीईओ कटनी, एसडीएम ढीमरखेड़ा सहित प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। शिविर में क्षेत्र की 12 ग्राम पंचायतों से पहुंचे 192 लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रशासन के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किए थे।
शिविर के दौरान ग्रामीणों को उनकी समस्याओं के शीघ्र निराकरण का भरोसा दिलाया गया था। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जन विश्वास अभियान के माध्यम से लंबे समय से चली आ रही मूलभूत समस्याओं का जल्द समाधान होगा, लेकिन शिविर के आयोजन के करीब 50 दिन बीत जाने के बाद भी अधिकांश आवेदकों की समस्याओं का निराकरण नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, शिविर में सड़क, पेयजल, प्रसाधन, पुल सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर आवेदन दिए गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समस्याओं के समाधान के लिए शासन स्तर पर विशेष अभियान चलाकर आवेदन लिए गए थे, तो उनके निराकरण में इतनी देरी क्यों हो रही है। आवेदन देने वाले लोगों में इसको लेकर निराशा और नाराजगी बढ़ती जा रही है।
आवेदकों का कहना है कि शिविर में अधिकारियों की मौजूदगी और समस्याओं के शीघ्र समाधान के आश्वासन के बाद उन्हें उम्मीद जगी थी, लेकिन लगभग 50 दिन बीतने के बाद भी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। इससे ग्रामीणों में प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष बढ़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि वे अपनी समस्याओं के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द ही आवेदनों पर कार्रवाई कर समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, तो वे सामूहिक रूप से उग्र प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए मजबूर होंगे।
अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। जन विश्वास अभियान के तहत प्राप्त 192 आवेदनों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई, कितने आवेदनों का निराकरण किया गया और शेष समस्याओं के समाधान के लिए क्या कार्ययोजना बनाई गई है, इसे लेकर प्रशासन से स्पष्ट जानकारी सामने आने की अपेक्षा है।


