नर्मदापुरम मॉब लिंचिंग मामले में फैसला सुनाने वाली जज को धमकी,वायरल वीडियो के बाद पुलिस जांच तेज।

 नर्मदापुरम मॉब लिंचिंग मामले में फैसला सुनाने वाली जज को धमकी,वायरल वीडियो के बाद पुलिस जांच तेज।

14 दोषियों को उम्रकैद की सजा के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुआ धमकी भरा वीडियो,पुलिस ने दर्ज किया मामला,साइबर माध्यम से आरोपी की पहचान की कोशिश।

कटनी,ग्रामीण खबर MP।

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में चर्चित मॉब लिंचिंग मामले में 14 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश तबस्सुम खान को कथित रूप से धमकी मिलने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में एक युवक कथित तौर पर यह कहते हुए दिखाई दे रहा है कि यदि अगले 10 दिनों के भीतर सजा पाए सभी लोगों को रिहा नहीं किया गया तो देश में बड़े पैमाने पर हिंसा होगी। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, अदालत ने हाल ही में वर्ष 2022 के बहुचर्चित मॉब लिंचिंग प्रकरण में 14 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अदालत ने अपने निर्णय में घटना को गंभीर और कानून व्यवस्था के लिए चुनौतीपूर्ण बताते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर रुख अपनाया।

फैसले के कुछ समय बाद सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो में दिखाई देने वाला युवक कथित रूप से न्यायालय के फैसले पर आपत्ति जताते हुए चेतावनी भरे शब्दों का प्रयोग करता है। वीडियो में किए गए दावों और धमकी भरे बयान को लेकर पुलिस ने गंभीरता दिखाई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और वीडियो बनाने, अपलोड करने तथा प्रसारित करने वाले व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। इस संबंध में प्रकरण दर्ज कर साइबर विशेषज्ञों की सहायता से तकनीकी जांच भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि कानून हाथ में लेने या न्यायपालिका को धमकाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय स्तर की साइबर एजेंसियों से भी इस मामले की जानकारी राज्य पुलिस को प्राप्त हुई है, जिसके बाद जांच प्रक्रिया को और तेज कर दिया गया है। पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की सत्यता, मूल स्रोत और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी भड़काऊ या अपुष्ट सामग्री को साझा करने से बचें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

फिलहाल मामले की विवेचना जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। न्यायपालिका को दी गई किसी भी प्रकार की धमकी को गंभीर अपराध मानते हुए सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जा रहे हैं।

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