वन संपत्ति चोरी का बड़ा खुलासा,ढीमरखेड़ा पुलिस ने फेंसिंग जाली चोरी करने वाले चार आरोपियों को दबोचा।
खिरवा पोड़ी के वन क्षेत्र में देर रात चोरी की वारदात,पुलिस और वन अमले की संयुक्त कार्रवाई में दो मोटरसाइकिल सहित सामग्री जब्त,चारों आरोपी भेजे गए जेल।
ढीमरखेड़ा,ग्रामीण खबर MP।
कटनी जिले के ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र में वन संपत्ति की चोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। खिरवा पोड़ी स्थित वन कक्ष पीएफ 297 एनपीबी में लगी फेंसिंग जाली चोरी करने वाले आरोपियों को पुलिस एवं वन विभाग की संयुक्त टीम ने देर रात घेराबंदी कर पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान चोरी की गई फेंसिंग जाली के दो बंडल और वारदात में उपयोग की जा रही दो मोटरसाइकिल भी जब्त की गई हैं।
जानकारी के अनुसार, कटनी पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा द्वारा जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश लगातार दिए जा रहे हैं। उन्हीं निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया एवं एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी ढीमरखेड़ा निरीक्षक अभिषेक चौबे के नेतृत्व में यह विशेष कार्रवाई की गई।
घटना 21 मई 2026 की देर रात की बताई जा रही है। वन विभाग में पदस्थ बीट प्रभारी अंकित गौतम, जो वनरक्षक के रूप में कार्यरत हैं, उन्हें रात्रि लगभग 1 बजे सूचना मिली कि खिरवा पोड़ी के वन क्षेत्र में स्थित वृक्षारोपण परिसर की सुरक्षा के लिए लगाई गई फेंसिंग जाली को कुछ लोग निकालकर चोरी कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने तत्काल पुलिस को अवगत कराया, जिसके बाद पुलिस टीम एवं वन अमले ने संयुक्त रूप से मौके के लिए रवाना होकर क्षेत्र की घेराबंदी की।
पुलिस की रणनीतिक कार्रवाई के चलते आरोपी भागने का प्रयास भी नहीं कर सके और मौके से ही दबोच लिए गए। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में प्रदीप यादव पिता कुंवरलाल यादव उम्र 27 वर्ष, उमाकांत यादव पिता रामगुलाम यादव उम्र 31 वर्ष, राजकुमार यादव पिता महेश यादव उम्र 35 वर्ष तथा सुरेश प्रसाद यादव पिता रामप्रसाद यादव उम्र 52 वर्ष शामिल हैं। सभी आरोपी ग्राम खिरवा पोड़ी के निवासी बताए गए हैं।
मौके पर तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई फेंसिंग जाली के दो बंडल जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 10 हजार रुपये बताई जा रही है। इसके अतिरिक्त वारदात में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल भी पुलिस ने बरामद की हैं, जिनकी कीमत लगभग 55 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने जब्त सामग्री को अपने कब्जे में लेकर विधिवत कार्रवाई शुरू कर दी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों का किसी अन्य चोरी या वन संपत्ति से जुड़े मामलों में भी कोई संबंध रहा है या नहीं।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वन क्षेत्रों में लगाए गए वृक्षारोपण और सुरक्षा फेंसिंग सरकारी संपत्ति होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में इनकी चोरी केवल सरकारी नुकसान नहीं बल्कि पर्यावरणीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी सीधा प्रहार है। विभाग ने स्पष्ट किया कि वन संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस और वन विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि बीते कुछ समय से वन क्षेत्रों में चोरी एवं अवैध गतिविधियों की शिकायतें सामने आ रही थीं, जिससे क्षेत्रीय नागरिकों में चिंता का माहौल था। ऐसे में पुलिस की त्वरित एवं सख्त कार्रवाई से अपराधियों में भय का वातावरण बनेगा और वन क्षेत्रों की सुरक्षा मजबूत होगी।
क्षेत्रीय नागरिकों ने यह भी कहा कि यदि इसी प्रकार पुलिस और प्रशासन लगातार सक्रियता बनाए रखे तो ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली चोरी, अवैध कटाई और वन संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। लोगों ने वन विभाग एवं पुलिस टीम की तत्परता को सराहनीय बताते हुए इसे कानून व्यवस्था के लिए सकारात्मक कदम बताया।
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक चौबे, उप निरीक्षक सुरेश चौधरी, आरक्षक कमोद कोल तथा आरक्षक अजय धुर्वे की विशेष भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराध और अवैध गतिविधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा तथा कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

