बंद पड़ी माइको इरिगेशन परियोजना को शुरू कराने विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को सौंपा पत्र।
97 गांवों के 15 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि क्षेत्र को मिलना है सिंचाई का लाभ,दस वर्षों से अधूरी पड़ी है 233 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना।
ढीमरखेड़ा,ग्रामीण खबर MP।
कटनी जिले की बड़वारा विधानसभा क्षेत्र के किसानों और आदिवासी परिवारों के लिए बहुप्रतीक्षित माइको इरिगेशन परियोजना को पुनः गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। क्षेत्रीय विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने मंगलवार को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री भवन पहुंचकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की तथा ढीमरखेड़ा तहसील अंतर्गत वर्षों से बंद पड़ी माइको इरिगेशन योजना के शीघ्र संचालन के संबंध में एक विस्तृत पत्र सौंपा।
विधायक ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा क्षेत्र के हजारों किसान और आदिवासी परिवार लंबे समय से सिंचाई सुविधाओं की प्रतीक्षा कर रहे हैं। माइको इरिगेशन परियोजना से क्षेत्र की कृषि व्यवस्था में व्यापक बदलाव आने की उम्मीद थी, लेकिन विगत लगभग दस वर्षों से यह महत्वाकांक्षी योजना धरातल पर पूरी तरह साकार नहीं हो सकी है। इसके कारण किसानों को आज भी पर्याप्त सिंचाई संसाधनों के अभाव का सामना करना पड़ रहा है।
पत्र में विधायक ने उल्लेख किया कि लगभग 233 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के माध्यम से क्षेत्र के 97 गांवों की 15 हजार 58 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित था। योजना पूरी होने पर हजारों किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा प्राप्त होती तथा कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि संभव हो पाती।
जानकारी के अनुसार परियोजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा मुंबई की मेसर्स शापूजी पॉलाजी एंड कम्पनी पीसी को सौंपी गई थी। अनुबंध के अनुसार 17 अगस्त 2017 से प्रारंभ होकर 16 अगस्त 2019 तक दो वर्षों के भीतर कार्य पूर्ण किया जाना निर्धारित था। किंतु निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के कई वर्ष बाद भी परियोजना पूर्ण नहीं हो सकी और वर्तमान में योजना बंद अवस्था में पड़ी हुई है।
विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आग्रह किया कि परियोजना की तकनीकी एवं प्रशासनिक स्तर पर व्यापक समीक्षा कराकर इसके संचालन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि इस योजना के प्रारंभ होने से न केवल किसानों की सिंचाई संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान होगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
उन्होंने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता है। माइको इरिगेशन परियोजना का शीघ्र संचालन क्षेत्र के हजारों किसानों और आदिवासी परिवारों के लिए नई उम्मीद लेकर आएगा। इससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा, किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान विधायक ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस महत्वपूर्ण परियोजना को पुनर्जीवित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों को भी अब सरकार की सकारात्मक पहल और त्वरित निर्णय का इंतजार है, जिससे वर्षों से अधूरी पड़ी सिंचाई परियोजना का सपना साकार हो सके और बड़वारा विधानसभा क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिल सके।

