बच्चे कच्ची मिट्टी के घड़े के समान होते हैं इन्हें जैसा ढालों बैसे बन जाते हैं- संयुक्त कलेक्टर शशि मिश्रा।

 बच्चे कच्ची मिट्टी के घड़े के समान होते हैं इन्हें जैसा ढालों बैसे बन जाते हैं- संयुक्त कलेक्टर शशि मिश्रा।

विदिशा,ग्रामीण खबर MP।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय मुखर्जी नगर सेवा केंद्र में चार दिवसीय बच्चों के प्रति राजयोगी समर कैंप का समापन संयुक्त कलेक्टर शशि मिश्रा, एवं अन्य पदाधिकारीयों कि गरिमामय उपस्थिति के बीच संपन्न हुआ ब्रह्माकुमारी रुक्मणी दीदी द्वारा बच्चों को सरल और रोचक तरीके से जीवन उपयोगी ज्ञान प्रदान किया गया। साथ ही बच्चों को तनाव मुक्त जीवन जीने और अनुशासित दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित किया गया एवं बच्चों को मोबाइल व जंक फूड से दूरी बनाने, माता-पिता का सम्मान करने और प्रकृति से जुड़ने के लिए प्रेरित किया ऐसे शिविर बच्चों के भीतर छिपे गुणों को उभारते हैं। रचनात्मकता को नया मंच मिलता है। दीदी ने आगे कहा कि किसी भी बच्चे की कमज़ोरी कभी उसके ख़ुद की वजह से नहीं होती बल्कि वो जो देखता है वो ही बनता है। इसलिए माता पिता बच्चों को बचपन से ही सकारात्मक सोचने की आदत डालें। माता-पिता को बच्चों के लिए आदर्श बनना होगा क्योंकि वे अपने माता-पिता को जो करते देखते हैं उसकी नकल करते हैं। इसमें 8 से 16 साल के बच्चों को मोटिवेशनल वीडियो दिखाए तथा आध्यात्मिक कहानियों के जरिए जीवन मूल्यों की शिक्षा दी गई। कैंप में ड्राइंग और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता सहित अभिभावकों के लिए आध्यात्मिक क्लासेज भी रखी गई। बच्चों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता में एकता को प्रदर्शित करने वाले आकर्षक नृत्य की प्रस्तुति द्वारा भारत के गौरवशाली संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। नाटक के माध्यम से समर कैंप के बच्चों ने इंटरनेट एवं सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों को प्रदर्शित करते हुए सभी को इनके संयमित एवं सकारात्मक उपयोग का संदेश दिया। ब्रह्माकुमारी रेखा दीदी ने कहा कि सकारात्मक सोच बच्चों के व्यक्तित्व को मजबूत बनाती है। बच्चे जैसा सोचते हैं, वैसा ही उनका आत्मविश्वास और व्यवहार बनता है। यदि बच्चा हर दिन खुद से कहे कि वह सक्षम और प्रतिभाशाली है तो उसका मन भी उसी दिशा में काम करने लगता है। अच्छे विचार, अच्छी संगति और कृतज्ञता जीवन में नई ऊर्जा लाते हैं। सुबह के सकारात्मक विचार पूरे दिन को बेहतर बना सकते हैं। डर और गुस्से की बजाय प्यार, शांति और मुस्कान को अपनाने वाले बच्चे मानसिक रूप से अधिक मजबूत बनते हैं। सकारात्मक सोच बच्चों को लक्ष्य तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाती है। संयुक्त कलेक्टर शशि मिश्रा जी  ने अंत में सभी बच्चों को सर्टिफिकेट एवं गिफ्ट दिये और स्वयं के तथा दूसरों के गुणों और विशेषताओं को देखने की प्रेरणा दी। और आगे कहा सफलता मेहनत ही चा

हती है। बच्चे कच्ची मिट्टी के घड़े के समान होते हैं इन्हें जैसा ढालों बैसे बन जाते हैं। बच्चे तो प्रतिभावान है ही इसमें दोराह नहीं है। बच्चों की कमियों में सुधार कर उन्हें आगे बढ़ाना यह हम सबकी जिम्मेदारी है। बच्चों ने समर कैंप के अनुभव सभी के सामने शेयर किया और ब्रह्माकुमारी दीदीयों का शुक्रिया अदा किया और आगे ऐसे आयोजन रखने की इच्छा जताई।


ग्रामीण खबर एमपी-

जनमानस की निष्पक्ष आवाज 

विदिशा जिला ब्यूरो यशवंत सिंह रघुवंशी,

Post a Comment

Previous Post Next Post